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इंटरनेट क्या है ? What is Internet in Hindi 2021

internet क्या है ? इसका महत्व, इंटरनेट का आविष्कार किसने किया. इसका उपयोग, इसके फायदे और नुकसान, history of internet in hindi और internet ki khoj kisne kiya इन सब प्रश्नों के जवाब आप को इस आर्टिकल में मिल जायेगे. जो आप के general Knowledge के साथ साथ Competitive exam में भी प्रश्न पूछे जाते है.

internet kya hai
Internet

आज इन्टरनेट ने हमे चारो तरफ से घेर रखा है, मोबाइल से लेकर अंतरीक्ष तक. व्यापार, बैंकिंग, एजुकेशन, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी और मनोरंजन हर जगह net मोजूद है. आज हमारे जीवन की इन्टरनेट के बिना कल्पना करना बहुत कठिन है. जहाँ आज दुनिया की बहुत सी समस्याओं का हल निकलना है तो बहुत सी समस्याओं ने इन्टरनेट की वजह से जन्म भी लिया है.

तो आइए जानते है internet के बारे में सब कुछ . .

इंटरनेट क्या है ?

यह दुनिया में सबसे बड़े नेटवर्क का जाल है. यह एक ग्लोबल network है जो दुनिया के सभी computer को आपस में आउटर और सर्वर के सहायता से जोड़ता है। एक computer से दुसरे computer में सुचना आदान प्रदान करने के लिए TCP/IP Protocol से जो सम्बन्ध स्थापित होता हैं उसे internet कहते है।

यह जाल एक प्रकार के तारो का जाल है जिसके माध्यम से information और data ट्रान्सफर होता रहता है. इस data में video, audio, image, text, file कुछ भी हो सकता है. यह बहुत प्रकार की जानकारी और message ट्रान्सफर करता है।

internet की full form

Internet की फुल फॉर्म होती हैं ‘interconnected network.  इंटरनेट की हिन्दी फुल फॉर्म  “इंटरकनेक्टेड नेटवर्क” होती हैं। लेकिन गूगल पर आपको इंटरनेट के बहुत से full form मिलेंगे जैसे – International Network या Inter-networking. परन्तु ज्यादातर लोग interconnected network को ही इसकी full फॉर्म मानते है.

यह सभी सर्वर का network है. इस network से वर्ल्ड में server के साथ साथ स्कूल, हॉस्पिटल, पब्लिक/प्राइवेट आर्गेनाइजेशन और रिसर्च सेंटरों से जुड़ा हुआ है.

internet network ऑफ़ network का कलेक्शन है .जो अलग अलग सर्वर और gateway के माध्यम से जुड़ा हुआ है.

इंटरनेट का हिंदी meaning क्या है ?

इंटरनेट एक इंग्लिश के शब्द “Internetworked” से लिया गया है. हिंदी internet का मतलब “अंतरजाल“ है . इसमें बहुत से कंप्यूटर एक दुसरे से connect होते है. इसको हम तारों का जाल या महाजाल भी कह सकते है.

internet का इतिहास

जब किसी चीज़ की जरूरत महसूस होती है तो उसका आविष्कार होता है. ठीक वैसे ही इन्टरनेट का आविष्कार हुआ है. जब 1960 के दशक में संयुक्त राज्य अमरीका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध चल रहा था. तब इंटरनेट नेटवर्क की खोज संयुक्त राज्य अमरीका द्वारा कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से बहुत तेज गति से सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए शुरू की गई थी।

अमरीका ने Advance Research Project agency के शुरुआत की, जिसका काम ऐसी technology का विकास करना था जो एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर को जोड़ सके.

सन 1969 में अमरीका की इस Agency ने ARPANET की स्थापना की. जिससे किसी भी कंप्यूटर को कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता था. पहले internet को ARPANET कहते थे. जो 1980 के बाद इन्टनेट के नाम से जाना जानें लगा.

1990 के शुरुआती दिनों में आधुनिक इंटरनेट की शुरुआत हुई, और तेजी से वृद्धि के कारण organization, personal or mobile computer नेटवर्क से जुड़ गए.

2000 के दशक के अंत और 21वीँ सदी की शुरुवात में हम और हमारी जिंदगी के लगभग हर पहलू में नेटवर्क में शामिल हो गया।

वैसे इसके आविष्कार का श्रेय किसी एक इन्सान को नही दिया जा सकता. इसके आविष्कार में बहुत से लोगो का योगदान शामिल है. चलो विस्तार से जानते है internet ki khoj kisne ki hai ? . .

इंटरनेट का खोज किसने की / जनक : Father of Internet

1970 के अंत तक, विंटन सेर्फ (Vinton Cerf) नाम के एक कंप्यूटर साइंटिस्ट ने दुनिया के network की समस्या को हल करना शुरू किया था। जिस आविष्कार को इन्होने TCP यानि “ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल” कहा था.

बाद में, इसमें “इंटरनेट प्रोटोकॉल” IP को इसके साथ जोड़ा गया। आज हम जिस इंटरनेट को इस्तेमाल करते हैं, उसमे TCP/IP Protocol का ही इस्तेमाल किया जाता है.

सन 1970, 1972 में विंट सर्फ (Vint Cerf) और रोबर्ट ई. काहन (Robert E. Kahn)  TCP/IP protocol को invent किया. उसके बाद 1974 “The Fathers Of The Internet” के नाम से पेपर प्रकशित किया. इस पेपर के कारण Vint Cerf को इन्टरनेट का जनक कहते है.

इंटरनेट कब शुरू हुआ?

Internet की शुरुवात January 1, 1983 से हुई. जब ARPANET ने TCP/IP को adopt किया. आजकल हम उसे Internet के नाम से जानते है.

भारत में इन्टरनेट कब आया?

भारत में internet की शुरुवात 14 अगस्त 1995 को हुई. इसे VSNL यानि “विदेश संचार निगम लिमिटेड” ने सार्वजनिक रूप से 15 अगस्त 1995 को शुरु किया. उस टाइम नेट की स्पीड मात्र 8-10 kbps थी . और खर्चा भी अधिक था.

what-is-internet.
internet

इंटरनेट कैसे काम करता है?

हम सोचते है की जो इन्टनेट हम इस्तेमाल करते है वो सेटेलाइट के माध्यम से आता है तो हम गलत है . यह नेट समुद्र के अन्दर से आई हुई फाइबर केबल से चलता है. इन Optical Fiber Cables को सबमरीन केबल भी कहते है.

यह तीन पार्ट में हम तक पहुचता है. पहले बड़ी कम्पनी आती हैं जिसका network समुद्र के अन्दर केबल फैला होता है.

उससे फिर हमारे देश की कम्पनी जैसे jio, Airtel, V! बड़ी कम्पनी से internet खरीदती है. हम इन कंपनी से नेट खरीदते है.

उसके बाद हमारी लोकल कम्पनी आती है जो इनसे नेट खरीदती है जैसे तिकोना. हम लोकल एरिया में नेट और wifi इन कम्पनी का use करते है.

इंटरनेट के कितने प्रकार का होता है?

अकसर हम जो नेट use करते है, वो सार्वजनिक नेट होता है. जिसका इस्तेमाल कोई भी कही भी कर सकता है. इसके लिए network और data की आवश्कता होता है.

हम सभी सिर्फ नेट के बारे में ही जानते है. परन्तु internet इसके अलावा भी कई प्रकार के होते है. हम सिर्फ इंटरनेट के बारे में जानते है. परन्तु इंट्रानेट “(Intranet) और एक्सट्रानेट (Extranet) भी होते है.

हम विस्तार से जानेंगे Internet, Intranet और Extranet क्या है और इनमें क्या अंतर है . . .

Intranet/ इंट्रानेट क्या है ?

जो इन्टरनेट हम use करते है वो पब्लिक होता है परन्तु इंट्रानेट प्राइवेट network होता है. यह भी TCP/IP  के माध्यम से डेटा और एप्लीकेशन को internal share करता है.

यहाँ भी computer आपस में जुड़े होते है परन्तु यहाँ कोई इसे सार्वजनिक रूप में इस्तेमाल नही कर सकता. ये प्राइवेट नेटवर्क होता है.

यह नेट कम्पनी अपने एक ऑफिस को दुसरे ऑफिस को जोड़ने या अपने particular कंपनी के अन्दर ही एक दुसरे से connect करने के लिए आपको password का इस्तेमाल करना पडेगा. आप बिना पासवर्ड को access नही कर सकते. यहाँ केवल authorized users के पास ही network को access करने की permission होता है .

यह company के लिए data transfer करने का सबसे secure तरीका है. क्योंकि यहाँ कोई unauthorized यूजर access नही कर सकता.

Extranet क्या है ?

यह एक controlled प्राइवेट network हैं. जिसमे कंपनी अपने पार्टनर, सप्लायर, सेलर, ग्राहक को internet को access करने के permission देती है. यह कंपनी और उसके सांझेदार के बीच एक माध्यम के तरह काम करता है. अपनी एक ब्रांच से दूसरी ब्रांच में भी इसका इस्तेमाल कर सकते है.

इसमें भी user के पास id और पासवर्ड होना जरुरी है, तबी इसको access कर सकता है.

Difference-Between-Internet-Intranet-and-Extranet
Types of internet

Internet, Intranet और Extranet में अंतर

InternetIntranetExtranet
1. इससे दुनिया में कोई भी चला सकता है.
यह पब्लिक नेटवर्क है.
यह प्राइवेट network है.
इससे कम्पनी के अन्दर ही इस्तेमाल किया जाता है.
इसमें इंटरनेट के सहायता से data शेयर करने के काम आता है. यह भी प्राइवेट नेटवर्क है.
2. यूजर id और पासवर्ड की जरूरत नही होती.यूजर id और पासवर्ड की जरूरत होती है.यूजर id और पासवर्ड की जरूरत होती है.
3. इसका उपयोग कोई भी कर सकता है.सिर्फ कम्पनी के कर्मचारी इस्तेमाल कर सकते है.इसमें एक या दो कम्पनी के कर्मचारी इस्तेमाल कर सकते है.
4. बहुत कंप्यूटर जुड़े होते है.सिर्फ एक कंपनी या संस्था के कंप्यूटर.दो या दो से अधिक कंपनी के कंप्यूटर.

इंटरनेट के लाभ या फायदे

  • ऑनलाइन मोबाइल, बिजली, डीटीएच बिल भर सकते है.
  • सुचना को कम समय में भेज सकते है.
  • आजकल ऑनलाइन ऑफिस वर्क फ्रॉम होम कर सकते है.
  • online शॉपिंग कर सकते है.
  • अपने बिज़नेस या व्यापार को प्रमोट कर सकते है.
  • ऑनलाइन सभी जानकारी जुटा सकते है और जॉब के फॉर्म भर सकते है.
  • फ्रीलांसर बन कर पैसा कमा सकते है.
  • इन्टनेट से video, audio, YouTube video और entertainment गेम खेल सकते है.
  • आजकल स्कूल, कॉलेज या competitive एग्जाम की तयारी कर सकते है.

इंटरनेट की हानि / नुकसान

  • समय की बर्बादी
  • internet का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाना.
  • शोषण और अश्लीलता
  • डेटा चोरी कर के उसका गलत इस्तेमाल करना.
  • ऑनलाइन फ्रॉड का बढ़ना.
  • इंटरनेट के लत और हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव.
  • pornography जैसे अश्लील कंटेंट देखने कर बच्चों का गलत संगत में पड़ना.
  • स्पैम मेल या विज्ञापन में पड़ कर समय और पैसे बर्बाद करना.

इंटरनेट का उपयोग

पहले इंटरनेट का उपयोग केवल रक्षा विभाग या वैज्ञानिक सूचनाएं आदान प्रदान के लिए ही किया जाता था. यह सिर्फ एक सीमित दायरे में ही होता था. परन्तु आज कल internet का दायरा असीमित हो गया है. ऐसा लगता है जैसे इंटरनेट के बिना जिंदगी में कोई रंग ही नही है.

आज internet हमारी जिंदगी के एक अहम हिस्सा बन चुका है. यह आज बहुत से कामों के लिए उपयोग होता है.

  • ईमेल से सुचना आदान प्रदान के लिए.
  • रिसर्च करने के लिए.
  • मनोरंजन के लिए जैसे – movie, video या audio songs, गेम्स
  • friendship या डेटिंग app के लिए जैसे- फेसबुक, ट्विटर, tinder
  • मोबाइल, बिजली, phone का बिल जमा कर सकते है.
  • बिज़नस के प्रचार प्रसार के लिए.
  • विज्ञापन के लिए
  • ऑनलाइन पढाई के लिए
  • घर बैठे शॉपिंग के लिए .
  • e paper या magazine द्वारा न्यूज़ के लिए.
  • जॉब सर्च करने के लिए.

आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा, या इसके बारे में आपके जहन में कोई प्रश्न उभर कर आ रहा है तो वो भी आप नीचे comment section में पूछ सकते हैं। ओर शेयर करना न भूले।

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