IndiaPolitics

क्या होती है Z+, Z, X और Y सिक्योरिटी (Security), किसको दी जाती है ?

क्या होती है Z+, Z, X और Y सिक्योरिटी (Security), कैसे SPG से अलग होती है ये किसको और क्यों दी जाती है सुरक्षा

किसी भी देश में सुरक्षा उस को दी जाती है जिस जान का किसी से खतरा हो वह उपराष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट जज, , महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, प्रमुख नेता, कोई खिलाड़ी, प्रसिद्ध कलाकार, देश का कोई प्रसिद्ध तथा महत्वपूर्ण नागरिक भी हो सकता है जैसे हाल ही में कंगना रानौत को Y+ केटेगरी की सुरक्षा दी गई थी।

kya-hoti-hai-z-plus-security
क्या होती है Z+, Z, X और Y सिक्योरिटी

इन सुरक्षा को प्रधान करने के लिया सुरक्षाकर्मी को भारत के मुख्य चार सैन्य बलो से चुना जाता हैं एसपीजी (Special Protection Group), एनएसजी (National Security Guard), आईटीपीबी (Indo- Tibetan Border Police), सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force) कभी कभी राज्य पुलिस के जवानों को भी साथ में लगाया जाता है

कितने प्रकार की होती है सुरक्षा

भारत में चार प्रकार की सुरक्षा प्रमुख है जिसमें Z+, Z, X और Y सिक्योरिटी (Security) है, जिसकी विवरण निचे दिया गया है

Z+ सिक्योरिटी

जेड प्लस ( Z+ Security ) सुरक्षा देश की सबसे बड़ी सुरक्षा है. इसमें 36 सुरक्षाकर्मी शामिल होते है. इनमें से 10 एनएसजी (NSG) और SPG (Special Protection Group) कमांडो होते हैं इसमें इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (Indo- Tibetan Border Police) और सीआरपीएफ (CRPF) के जवान भी सुरक्षा में तैनात होते हैं. इस सुरक्षा में पहले घेरे की ज़िम्मेदारी NSG कमांडो की होती है जबकि घेरे की ज़िम्मेदारी SPG कमांडो की होती है.

सभी कमांडो मार्शल आर्ट और निहत्थे युद्ध में निपुण होते है. इस Security में Escorts और पायलट वाहन भी दिए जाते है. देश में केवल 10-17 वीआईपी को Z + सुरक्षा प्रदान की जाती है। इनमे प्रमुख गृह मंत्री अमित शाह, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस नेता गाँधी परिवार सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी शामिल है । हाल ही में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय को Z+ सिक्योरिटी दी गई है

Z सिक्योरिटी

जेड ( Z Security ) सुरक्षा देश की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा है Z श्रेणी में 22 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा कवर प्रदान करते है इनमें से 05 एनएसजी (NSG) तथा इसमें ITBP और CRPF के अधिकारी सुरक्षा में लगाये जाते है इस Security में भी Escorts और पायलट वाहन दिए जाते है

लगभग 60 लोगो को देश में Z सिक्योरिटी दी गई है हाल ही में पश्चिम बंगाल की नेता सुवेन्दु अधिकारी को Z सिक्योरिटी प्रधान की गई है

Y सिक्योरिटी

वाई ( Y Security ) सुरक्षा देश की तीसरी सबसे बड़ी सुरक्षा है Y श्रेणी में 11 सुरक्षाकर्मी सुरक्षा कवर प्रदान करते है जिसमें दो कमांडो तैनात होता है. इसमें 02 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर होते है एक CRPF कमांडर और चार कांस्टेबल आवास पर तैनात रहते हैं लगभग 150 लोगो को देश में Y सिक्योरिटी दी गई है

Kangana Ranaut Y category Security
Kangana Ranaut Y category Security

X सिक्योरिटी

यह सबसे निचले स्तर की सुरक्षा होती है जिसमे दो सुरक्षा गार्ड तैनात होते हैं. जिसमें एक PSO (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) होता है इस सुरक्षा श्रेणी में कोई कमांडो शामिल नहीं होता. लगभग 70 लोगो को देश में X सिक्योरिटी दी गई है

रिपोर्ट : भारत में कितने लोगो को कोन सी सुरक्षा दी गई है

SPG सुरक्षा क्या होती है ?

अक्टूबर 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी की हत्या के बाद अप्रैल 1985 में SPG गठित किया गया था, एसपीजी, वर्तमान में 3,000 सक्रिय कर्मियों का बल है यह प्रधान मंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके समीपवर्ती परिवार के सदस्यों को सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं इनमे तैनात कमांडो Modern हथियार और संचार उपकरण से लैस होते है , इनके पास हमेशा काला सूटकेस होता है

SPG security.jpg
SPG security

पहले गाँधी परिवार ( सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी) के पास एसपीजी सिक्योरिटी होती थी. नवम्बर 2020 में एसपीजी Amendment बिल आया, उसके बाद गाँधी परिवार की एसपीजी सिक्योरिटी हटा ली गई थी, अभी भारत में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को ही एसपीजी सुरक्षा प्रधान की गई है

एसपीजी के एक्ट की जानकारी के लिए पढ़े

कौन देता है सुरक्षा का खर्चा

यदि सरकार किसी को खुद से सुरक्षा देती है तो इसका इसका पुरा खर्चा सरकार उठाती है , और यदि कोई खुद से सुरक्षा की मांग करता है तो उसका खर्चा खुद को उठाना पड़ता है. Z सिक्योरिटी का एक महीने का खर्चा लगभग 15-20 लाख रुपया होता है.

अप्रैल 2013 में मुकेश अम्बानी को Z सुरक्षा प्रधान की गई , यह किसी उद्योगपति को पहली बार सुरक्षा दी गई थी, जिसका मुकेश अम्बानी को एक महीने का लगभग 15 लाख खर्चा करना पड़ा था.

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button