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बैंक खाते कितने प्रकार के होते है ? – types of bank account 2021

बैंक खाते भारत में लगभग 10 तरीके के होते है. आज सभी को Bank Account बहुत जरुरी हो गया है. जब आप बैंक में जाते है, तो आप कंफ्यूज होते है की मुझे कौन सा बैंक खाता खुलवाना है और क्या लाभ होगा। हम आप को सभी खातो के बारे में जानकारी देंगे, कौन सा आपके लिए बेस्ट विकल्प रहेगा।

बैंक खाता खुलवाने से पहले जानें, कितने प्रकार के होते हैं खाते और कौन सा आप के काम का

हमारे देश में बैंक लगभग 200 सालो से हैं, मगर आजकल हर काम के लिए बैंक खाते होना जरुरी है जैसे आधार बनवाने, पैन कार्ड, आईटी Return, EPF क्लेम करने और सब्सिडी की लिए। हम बैंक में खाता खुलवाने जा रहे है, तो हमें पता होना चहिये कौन से खाता हमारे लिए सही है।

हर खाते के प्रकार का अपना एक अलग महत्व है, जैसे बचत खाता आप saving के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, और चालू खाते में आप नकद लेन देन कर सकते हैं। चलो आज हम जानते है खाते कितने प्रकार के होते है और हमारे लिए कौन सा सही है।

type of bank account
Bank Account

बचत खाता -Saving Account

यह एक नियमित बचत खाता होता है, आम लोग सेविंग अकाउंट ही खुलवाते है। आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक में जाकर ये खाता खुलवा सकते है। इस अकाउंट में आप को कुछ न्यूनतम राशि रखनी होती है जो सभी बैंक में अलग अलग है। कुछ बैंक में यह राशि 1000 होती है तो कुछ बैंक में 3000 से 5000 होती है. यदि आप ये न्यूनतम राशि नही रखते है तो बैंक आप खाते से penalty की राशि कटेगा.

zero balance रखने के लिए आप जन धन योजना से अपना खाता खुलवा सकते है. बचत बैंक खाता में saving, सुपर सेविंग और zero balance के खाते होता है. यह खाता आप अकेले, दो लोग या ग्रुप में भी खुलवा सकते है। इसमें आप कभी भी पैसे निकाल और जमा कर सकते है।

Saving account में पैसे जमा करवाने की सीमा होती है, जो 2.5 लाख है. यदि आप इससे ज्यादा पैसे जमा करवाते है तो आप को ITR (Income Tax Return) फाइल करना होगा. बचत खाता में आप को 3% से 4% के बीच ही सालाना ब्याज मिलता है. यदि आप FD या RD करवाते है तो ये ब्याज दर बढ़ जाता है.

इसमें आप को पासबुक, एटीएम ATM, चेकबुक मिलती है या आप लेनदेन के तरीके जैसे ATM, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, चेक, डिमांड ड्राफ्ट, NEFT, RTGS, IMPS, AePS ,मोबाइल या नेट बैंकिंग का भी प्रयोग कर सकते है। निरक्षर (अनपढ़) व्यक्तियों के एकल या joint bank account में चेक बुक/ एटीएम सुविधा नहीं दी जाती.

बचत खाता खुलवाने के लिए जरुरी दस्तावेज़

  • नवीनतम पासपोर्ट के आकर का फोटो
  • Aadhar card/ पैन कार्ड
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • मतदाता पहचान पत्र
  • रक्षा पहचान पत्र
  • किसी भी राज्य या केंद्र सरकार द्वारा जारी कोई दस्तावेज़.

चालू खाता- Current Account

यह खाता बड़े व्यवसायी, फर्म, कंपनियों और संस्थान जैसे स्कूल, कॉलेज, और अस्पतालों, बड़ी दुकान आदि के लिए होता है। इनका लेन देन बड़े स्तर पर होता है. ज्यादा लेन देन की वजह से या लोग currant account खुलवाते है. इस खाते में आप कितनी बार भी पैसे निकाल या जमा कर सकते हो , इसमें कोई लिमिट नही होती।

भारतीय रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार इस खाते में कोई ब्याज नही मिलता है बल्कि खाता धारक को ही हर साल कुछ बैंक को भुगतान करना पड़ता है। चालू खाते में मिनिमम बैलेंस 10000 रुपए होने चहिये. इससे कम होने पर आप को बैंक द्वारा पेनल्टी लगाई जा सकती है. यह न्यूनतम राशि बैंक के हिसाब से अलग अलग हो सकती है.

व्यक्तिगत या joint चालू खाता खुलवाने के लिए आप के पास आधार/ पैन/ वोटर कार्ड/ ड्राइविंग लाइसेंस/ रक्षा पहचान पत्र/किसी भी राज्य या केंद्र सरकार द्वारा जारी कोई दस्तावेज़ होना चहिये.

यदि आप को कम्पनी या संस्था के नाम current account खुलवाना है तो आप के पास पैन कार्ड/ GST number/ Address Proof या कम के कम कोई तीन Document होने चहिये.

आवर्ती जमा खाता – Recurring Deposit Account

उन लोगो के लिए ये खाता सही है जो नियमित बचत कर सकते है और एक नियमित राशि हर महीने या एक निश्चित अवधि के लिए जमा कर सकते है। इसमें खाता धारक को तय अवधि पूरी होने पर पूरी राशि ब्याज के साथ वापिस कर दी जाती है।

इसमें ब्याज बचत खाते से ज्यादा परन्तु सावधि जमा खाता -Fixed Deposit Account से कम होता है । इसे RD अकाउंट कहते है।

सावधि जमा खाता -Fixed Deposit Account

इसको हम FD अकाउंट भी बोलते है। जिस के पास बहुत पैसे होते है और वो शेयर बाज़ार में निवेश न कर के, कुछ फिक्स्ड राशि लम्बी अवधि जैसे 1 साल से 10 सालो तक के लिए जमा करवा सकता है । अक्सर बैंक में 366 दिन के लिए FD करवाने पर ब्याज की मात्रा सबसे अधिक होती है.

इसमें ब्याज सबसे ज्यादा मिलता है। खाता धारक अवधि से पहले पैसे निकलना चाहता है तो बैंक कुछ पेनाल्टी लगा कर, पूरी राशि ब्याज के साथ वापस कर देता है।

सैलरी अकाउंट -Salary bank Account

जैसे की नाम से ही पता चल रहा हे ये खाते कंपनी अपने कर्मचारी का सैलरी के लिए खुलवाते है। इस खाते में न्यूनतम राशि की जरूरत नही होती। कंपनी का किसी खास बैंक से टाई उप होता है। जिससे की सभी कर्मचारियों का खाता उसी बैंक में होता है।

यदि आप ने कंपनी को छोड़ दिया है और आप के सैलरी इस अकाउंट में अब नही आ रही है, तो सिक्स महीने में सैलरी अकाउंट automatically सेविंग खाता में बदल जाता है, जिसमे आप को न्यूनतम राशि रखनी पढेगी.

NRI Bank Account

विदेश में रह रहे भारतीय और भारतीय मूल के लोगो के लिए होते है। क्योकि ये विदेश में रहते है और इनकी सैलरी, इनकम, और बचत सब विदेशी मुद्रा में होती है जैसे – US dollar, Euro, Pound इसलिए इसको अलग सुविधा की जरूरत पड़ती है. इनको NRI अकाउंट और विदेशी खाते भी कहते है।

ये तीन प्रकार के होते है NRE , NRO और FCNR. आजकल जहां NRI लोग ज्यादा होते है वहीं पर NRI के लिए अलग से बैंक शाखाओं को खोला गया है।

अनिवासी बाह्य (एनआरई) खाते Non-Resident External (NRE) Accounts

यह खाता विदेश में कमाए गए धन को भारत में भेजने में सहायक है. इस खाते को Saving, Current या फिर recurring deposit account की फोम में भी खोल सकते है. इस NRI account को खाता धारक के साथ साथ स्थानीय भारतीय निवासी भी चला सकता है और इस खाते में भारतीय मुद्रा में पैसा जमा कर सकता है।

भारत में Axis Bank, State Bank of India (SBI), HSBC Bank, YES Bank, ICICI, HDFC Bank, Punjab National Bank (PNB) NRE खाते के लिए टॉप बैंक है.

Non- Resident Ordinary (NRO) Accounts

यह खाता भारत और विदेश में कमाए गए धन को जमा करवाने के लिए है. जो कोई भारतीय विदेश में जॉब करने या रहने के उद्देश्य से जा रहा हो. तब बैंक उसके स्थानीय खाते को NRO खाते में बदल देता है. परन्तु आप के विदेश जाने की जानकारी बैंक देनी होगी.

इस खाते को Saving, Current या फिर recurring deposit account और Fixed Deposit की फोम में भी खोल सकते है. इस NRI account को खाता धारक के साथ साथ स्थानीय भारतीय निवासी भी चला सकता है.

Foreign Currency Non-Resident (FCNR) Accounts

इस खाते को किसी भी देश की मुद्रा में खोला जा सकता है जैसे – US, Canadian, Australian Dollars, Pounds, Euro. इस खाते को आप किसी निश्चित अवधि के लिए, पैसे जमा करवाने के लिए कर सकते है.

जब तक आप NRI है तब तक इस खाते में ब्याज पर कोई tax नही लगता है.

अन्य खातों के प्रकार ये भी

  • वरिष्ठ नागरिक बचत खाता: ये खाता सिर्फ 60 साल से ऊपर के वरिष्ठ नागरिको के लिए खोला जाता है। इसमें खाते में कई लाभ होते है जैसे – होम सर्विस, जयादा ब्याज।ये एक बचत bank account होता है।
  • वुमन सेविंग अकाउंट Bank Account: सभी बैंक में ये अकाउंट नही होते है। कुछ बैंक ही महिलाओ के उत्थान, विकास, वितीय जरुरतो, निवेश और जीवन शैली की जरुरतो को पूरा करने के लिए ऐसे अकाउंट खोले जाते है। इन खातो पर खास ऑफर और कैशबैक दियें जातें है।
  • नो फ्रिल बचत खाता: इस अकाउंट में कोई मिनिमम बैलेंस रखने की कोई जरूरत नही होती। इन अकाउंट पर लिमिट भी होती है।जो सभी बैंक में अलग अलग है।
  • स्टूडेंट बचत Bank Account: कुछ बैंक स्टूडेंट्स के लिए बचत खाते खोलने के लिए खास ऑफर देते है। इसमें मिनिमम बैलेंस नही रखना होता। सभी बैंक के नियम अलग अलग है। ये खाते स्कूल, कॉलेज या शिक्षा संस्थानों द्वारा खुलवाएं जातें हैं. जिससें विधार्थी अपनी फीस, छात्रवर्ती के लिए इस्तेमाल करते है.

हमें उम्मीद है की आपको हमारा यह आर्टिकल पसंद आया होगा, अगर आपकी कोई राय, प्रश्न है तो नीचे कमेन्ट सेक्शन में आप पूछ सकते हैं।

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