Economy

बैंक में पैसा जमा करना हमेशा सुरक्षित क्यों नहीं होता

अगर आप बैंक में पैसे जमा कर के रखते है तो क्या आपको tension फ्री हो जाना चाहिए?

पिछले कुछ समय में हमने देखा की काफी बैंक Non Performing Assest के चलते दिवालिया हो गए या फिर किसी अन्य बैंक के साथ जोड़ दिए गए। लेकिन क्या आपको पता है इन बैंक के ग्राहकों के साथ क्या हुआ? बैंक दिवालिए क्यों हो जाते है? क्या आपका बैंक सुरक्षित है?

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is banking safe?

इन सभी सवालों के जवाब जानेंगे इस आर्टिकल में। अगर आपको बैंक से कुछ लेना देना नहीं है तो बेफिक्र हो जाइए आपको कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता और अगर है तो यह पोस्ट पूरी पढिए।

क्या बैंकिंग हमेशा सुरक्षित हैं ?

आपको बता देते है सुरक्षित बैंकिंग जैसी कोई जीच नहीं होती, अगर आप समझते हैं की अपने बैंक में पैसा जमा करवा दिया और आप टेंशन फ्री हो गए तो ये एक गलती हो सकती है। अगर आपका बैंक कल को NPA की वजह से डूब जाता है तो क्या होगा? या सरकार बैंक के ऊपर लिमिट लगा दे तब क्या करेंगे? ऐसे में आप कितना पैसा निकाल सकते हैं? इन सभी सवालों के जवाब हम आपको इस आर्टिकल में देने की कोशिश करेंगे।

हाल ही में लक्ष्मी विलास बैंक का विलय DBS बैंक के साथ कर दिया गया, और इस से पहले yes bank का भी आपको याद होगा। Yes Bank पर RBI ने लिमिट लगा दी थी, और बैंक के सभी ग्राहक tension में आ गए थे, की आगे क्या होगा। जैसे तैसे सरकार ने बैंक को तो बचा लिया, पर ऐसा क्या हर बार संभव है? अगर बैंक में धोखा धड़ी और भी बड़ी हो जाए, तो शायद बैंक को बचा पाना मुश्किल कार्य होगा। अगर कोई बैंक डूब जाता है तो उसके ग्राहकों की जमा राशि भी संकट में आ जाती है।

ये सब बैंक की नीतियों की चलते होता है, इसका एक महत्वपूर्ण भाग है NPA, अगर किसी बैंक का NPA ज्यादा होगा तो यह (NPA) बैंक की खराब स्थिति को दिखाता है। ऐसे बैंक में पैसा जमा करवाना खतरनाक हो सकता है। अगर आपको NPA नहीं पता तो हमारा यह आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

अगर कोई बैंक डूब जाता है तो आप कितना पैसा निकलवा सकते हैं ?

अगर कोई बैंक collapse कर जाता है यानि की डूब जाता है तो उस बैंक का खाता धारक ₹5 लाख तक के लिए दावा (claim) कर सकता है भले ही उसके खाते में ₹5 लाख से ज्यादा की राशि रही हो। इसका अर्थ ये हुआ की बैंक(चाहे वो commercial हो या co-operative) अगर मुसीबत में आता है तो आपका ₹5 लाख तक ही पैसा सुरक्षित रहेगा। 5 लाख रुपये तक की राशि की गारंटी डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन(DICGC) द्वारा दी जाती है , जो भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) की सब्सिडरी है।  आपको बता दे की इस से पहले यह राशि 1 लाख थी, जो अप्रैल 2020 में बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई थी।

इन सबसे कैसे बच सकते हैं।

अगर आप बैंक में पैसा जमा करवाते है, तो आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे की

  • जागरूक जमाकर्ता बनिए और अपने बैंक की गतिविधियों पर नजर रखिए।
  • अलग अलग बैंकों मे पैसा जमा कीजिए।
  • ज्यादा return के लालच में न पड़िए , क्योंकि लालच बुरी बला है।
  • जहां आप risk समझते है वहीं निवेश कीजिए ।
जागरूक जमाकर्ता बनिए

अपने बैंक की हर तरह की गतिविधियों पर नजर रखिए। पैसा जमा करने से पहले उस बैंक का NPA, उसके पार्टनर, उसके कर्जदार कौन हैं, और पिछले कुछ महीनों में बैंक ने कैसा प्रदर्शन किया है है। अगर आपको बैंक खबरों में दिखे तो समझे की यह खबरों में क्यों है।

अलग अलग बैंकों में पैसा जमा करवाएं

किसी भी एक बैंक पर निर्भर मत रहिए, कोई बैंक सर्विस अच्छी दे रहा है आप उसके फैन हो गए, और केवल वहीं निर्भर हो गए तो ये आपकी जेब के लिए मुसीबत भी बन सकता है। जैसा की हमने ऊपर बताया है की बैंक collapse पर आप केवल 5 लाख तक का दावा कर सकते हैं। तो एक ही बैंक में सारा पैसा डालना खतरनाक हो सकता है।

ज्यादा return वाले बैंक में ज्यादा खतरा

अगर आप किसी ऐसे बैंक में पैसा जमा करवा रहे है जो आपको बहुत ज्यादा return दे रहा है तो ऐसे बैंक में राशि जमा करने से पहले बैंक के रिस्क को समझें, NPA इत्यादि।

क्या जरूरत है बैंक की, घर ही ठीक है?

नहीं, ये बिल्कुल सही निर्णय नहीं हो सकता। महंगाई दर की हिसाब से हर वर्ष पैसा कम होता रहता है। आज के समय में महँगाई दर 8% है जिसका मतलब ये हुआ की आज के दिन जो 100 रुपये की कीमत है वो 108 की हो जाएगी। जैसे कोई चीज आज 100 की है अगले साल 108 की होगी।

लेकिन आपका पैसा बढ़ नहीं रहा, और घर में ज्यादा पैसा रखना सुरक्षित नहीं होता ये बात आप भी भली-भाँति जानते हैं।

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