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giloy के चमत्कारी फायदे, गिलोय के गुण और लाभ

गिलोय एक प्रकार की बेल है, जिसको हम संस्कृत में अमृता नाम से जानते है. इसके पत्ते पान के आकर के होते है, यह बेल जिस पेड पर चढ़ जाती है उसको मरने नही देती है. giloy में बहुत सारे आयुर्वेदिक लाभ पाए जाते है जो न केवल सेहत के लिए बल्कि सुन्दरता को भी निखारते है.

गिलोय giloy खाने और उबाल कर पीने के चमत्कारी औषधीय गुण और लाभ

Giloy Immunity Booster
गिलोय के फायदे

आजकल आयुर्वेदिक दवाओं का बहुत प्रयोग होने लगा है.हर कोई वेस्टर्न दवाई को छोड़कर आयुर्वेदिक प्राकृतिक दवाओं, पेड़ पौधों, कंदमूलों का उपयोग करने लगे है.पहले गिलोय giloy केवल जंगलो – झाड़ियो में पाई जाती थी परन्तु आजकल इसे घर पर गमलो और बगीची में भे उगाने लगे है.

गिलोय का वैज्ञानिक नाम Tinospora cordifolia है। यह बेल होती है इसके पत्ते स्वाद में कड़वे और तीखे होते हैं। इसकी पत्तियों पान के पत्तों के जेसी होती है। पत्तों का रंग गाढ़ा हरा होता है। बहुत से लोग Giloy को सजावटी पौधे के रुप में भी अपने घरों में लगाते हैं। गिलोय के पत्ते और टहनियों दोनों का औषदी के रूप में इस्तेमाल होता है.

गिलोय के फायदे (Giloy benefits in Hindi)

गिलोय के औषधीय गुण के कारण इसको बहुत तरह के बीमारियों के लिए उपचारस्वरूप इस्तेमाल किया जाता है यह एक जड़ी बूटी है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करती है।गिलोय का औषधीय प्रयोग, प्रयोग की मात्रा और तरीका का सही ज्ञान होना बहुत ज़रूरी है

इम्युनिटी (immunity) बढाने के लिये

गिलोय एक Natural जड़ी बूटी है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में हमारी मदद करती है । यह एंटीऑक्सिडेंट भरपूर है जो Jerm से लड़ता है, आपके Cells को स्वस्थ रखता है, और बीमारियों से छुटकारा दिलाता है। गिलोय के जूस का हर रोज सेवन इम्युनिटी को बढ़ता है यह खून को साफ करता है, बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है, शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़कर इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है।

डेंगू के बुखार Control करने में

डेंगू के दौरान मरीज को तेज बुखार होने लगते हैं। गिलोय में मौजूद एंटीपायरेटिक (antipyretic is a substance that reduces fever) गुण बुखार को जल्दी ठीक करते हैं।।साथ ही Giloy इम्युनिटी बूस्टर की तरह काम करती है, जिससे डेंगू से जल्द से जल्द आराम मिलता है। डेंगू बुखार से बचने के घरेलू उपाय के रूप में गिलोय का सेवन आजकल बहुत प्रचलित है.

शरीर की थकान और दर्द कम करने के लिए

आप का पुरा शरीर दर्द कर रहा हो और आप को काम की थकान , चिंता, तनाव हो तो आप 100 gm पानी में गिलोय के पत्ते या टहनियो को डाल कर जब तक उबाले वो पानी 50 gm हो जाये , इसको पीने से आप के शरीर की थकान, तनाव, चिंता, दर्द कम हो जाये गा . इसमें एडाप्टोजेन रूप का एक पदार्थ है जो हमारे शरीर को तनाव से मुक्ति दिलाने में मदद करता है

बुखार में आरामदाय

गिलोय में एंटीपायरेटिक गुण होने के कारण ये बुखार को भी ठीक कर देते हैं। इसलिय मलेरिया, स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसे रोगों में होने वाले बुखार से बचाव के लिए गिलोय के सेवन की सलाह दी जाती है। आप इसका daily सेवन भी कर सकते है.

स्किन के लिए giloy

स्किन पर लाइनों के आने , झुर्रियां पडने,गहरी लाइनें बन जाना सबसे बड़ी समस्या है। गिलोय में एंटी एजिंग गुण के कारण यह गहरे स्पॉट्स , झुरियां, पिंपल्स या‌ मुहांसे को कम करने और हटाने में मदद करता है।

आखोँ और कान के लिए लाभकारी

आजकल आखों के बहुत से बिमारिया और डिसऑर्डर होते है   मोतियाबिंद और स्कलेरल  जैसी समस्याओं से भी निजात पा सकते है, कानों में दर्द होने पर गिलोय के रस को गुनगना कर के कानों में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है.

डायबिटीज के रोगियों के लिए

इसमें हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट होता है , जिससे यह खून में शर्करा की मात्रा को कम कर देता है. इसलिए इसके सेवन से खून में शर्करा की मात्रा कम हो जाती है. इसका फायदा टाइप टू डायबिटीज के मरीजों को होता है.

आखों की रोशनी बढ़ाने में लाभदायक

giloy के पावडर को पानी में गर्म करे. जब पानी ठंडा हो जाये तो उसे पलकों के ऊपर लगाए. गिलोय को पलकों के ऊपर लगाने से आँखों की रोशनी बढती है.

अस्थमा में फायदेमंद

Asthma के मरीजों को giloy के डंडी या पत्ते चबाने चहिये.या फिर इसका जूस पीना चहिये. मौसम के परिवर्तन होने पर अस्थमा का मरीजों को काफी प्परेशानी होती है. ऐसा करने से उनको आराम मिलेगा.

कान का मैल निकलने में उपयोग

बहुत बार ऐसा होता है की हमारे कान का जिद्दी मैल नही निकलता है तो गिलोय को पिस कर ऊबाल ले. ठंडा कर के छान ले. फिर कुछ बुँदे अपने कान में डाले , सारा जिद्दी मैल अपने आप बाहर आ जायेगा.

गठिया रोग में फायदेमंद

गठिया या Arthritis में हमें जोड़ो के दर्द के साथ साथ चलने फिरने में भी परेशानी होती है. गिलोय में anti आर्थराइटिस गुण होते है. जिससे यह गठिया रोगी के लिए काफी फायदेमंद है.

पेट के चर्बी कम करने में

यह शरीर के metabolism यानि उपापचय को ठीक करती है. हमारी पाचन शक्ति बढती है,सुजन कम करती है जिससे पट के आस पास चर्बी जमा नही होती और मोटापा कम होता है.

चेहरा की खूबसूरती बढ़ाये (Giloy benefits for Skin)

गिलोय में एंटी एजिंग गुण होते है, जिस की वजह से चेहरा से काले दब्बे, मुहांसे, लकीरे और झुरिया दूर हो जाती है. इसके सेवन से आप निखरी हुआ त्वचा पा सकते है. गिलोय, नीम और अरंडी के तेल का पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाने से, त्वचा जवा रहती है.

गिलोय को इस्तेमाल कैसे करे ?

giloy जूस

वैसे बाज़ार में अलग अलग ब्रांड का जूस मिलता है. परन्तु आप giloy juice घर पर भी बना सकते है. गिलोय के डंडी को पानी में मिला कर मिक्सर में पिस ले फिर इसे आप खाली पेट सुबह सुबह पि सकते है.

काढ़ा

गिलोय की डंडी को छोटी छोटी काट कर इसे एक कप पानी में ऊबाल ले. जब पानी आधा हो जाये इसे छान कर पिए. अधिक लाभ के लिए आप इसमें नीम, लोंग, अदरक और तुलसी भी डाल सकते है. यह हमारा इमुनिटी सिस्टम को बढाता है.

पाउडर

यु तो बाज़ार में इसका पाउडर उपलब्द है परन्तु आप इसे घर पर आसानी से बना सकते है. giloy की डंडियों को सुखा ले. अच्छे से सुख जाने पर उसे मिक्सी में पावडर बना ले. आप इसे किसी भी बर्तन में स्टोर कर सकते है.

गिलोय वटी

आप को बाज़ार से गिलोय की गोलियां या टेबलेट्स आसानी से मिल जायेगी. यदि आओ के घर के आस पास गिलोय के बेल नही है तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते है.

गिलोय का काढ़ा कैसे बनाये

giloy का kada बनाने के लिए गिलोय, तुलसी , नीम के चार चार पत्ते ले. लोंग इलाची 2-2, हल्दी, मुलठी, अजवायन, सोठ सब एक एक चुटकी और आधा चमच जीरा . इन सब को 300ml पानी में डाल ले.

इन सब को तब तक उबाले जब तक पानी 150 ml रह जाये. इसको आप दिन में एक बार चाय के तरह पिए. यदि आप को कडवा लग रहा है तो आप इसमें थोडा सा गुड़ या शहद मिल

गिलोय के नुकसान और साइड इफ़ेक्ट (giloy side effects)

वैसे तो अभी तक इसके कोई side effect सामने नही आयें है. क्योकि यह खून में शर्करा के मात्रा कम करती है तो ध्यान रहे जरूत से ज्यादा ब्लड शुगर कम न हो जाये.

आप इसका सेवन नियमित न कर के दो दिन में एक बार कर सकते है.

स्तनपान कराने वाली महिला या गर्भवती महिलाओं को giloy के सेवन से बचना चहिये. पांच साल से छोटे बच्चे को गिलोय का सेवन ना करने दे.

Note : गिलोय को सीमित मात्रा में , सलाह पर ही ले .

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