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चीकू के फायदे और नुकसान – Chiku benefits and Side effects in Hindi 2021

Chiku क्या है ?, इसके खाने के क्या फायदे है? चीकू में कौन से पोषक तत्व पायें जातें है. चीकू कितने प्रकार के होते है? Sapota (Chiku) खाने के क्या नुकसान होते है. यह कहा पाया जाता है? इसके खाने का सही तरीका क्या है ?. इस सभी प्रश्नों के उत्तर आप को हम इस आर्टिकल में देंगे.

Table of Contents

चीकू खाने के फायदे, नुकसान और पोषक तत्व- Sapota (Chiku) Benefits, Side Effects and Nutrients in Hindi

चीकू देखने में तो साधारण सा दिखता है, परन्तु इसमें बहुत सारे गुण है. यह स्वादिष्ट और मीठा होने के साथ साथ औषधीय गुणों से भरपूर है. इसमें बहुत से पोषक तत्व पाए जाते है. अकसर हमारे घरों में बीमार होने पर chiku खाने को मिलते है. इसलिए chiku के क्या फायदे, नुकसान और गुण है, हमें पता होना चाहिये.

चलिए जानतें है chiku kya hai ?

Chiku (Sapota)-khane-ke-fayde-or-nuksan
Chiku ke fayde

चीकू क्या है ?

chiku की तासीर गर्म होती है. यह भूरे रंग का रसीला फल होता है. इसके बीज काले भूरे रंग के नुकीले और कठोर होते है. इसका पेड़ लगभग 7-10 मीटर ऊचाँ, छोटी शाखाओं वाला होता है. इसकें पत्ते चमकीले और गहरे हरे रंग के होते है. इसके फुल पीले और सफ़ेद रंग के होते है.

यह रशीला गोल गोल Sapota (Chiku) बहुत शक्तिवर्धक होता है. यह विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है. आजकल यह पुरे साल बाज़ार में आप को आसानी से मिल जायेगा. आप चीकूशेक का भी मज़ा ले सकते है. चलिए अब chiku का वनस्पति और अलग अलग भाषा में नाम जानते है.

चीकू का वनस्पति नाम क्या है ?- Chiku Scientific Name

चीकू का वनस्पति नाम Manilkara zapota (मैनिलकारा जपोटा) है। इसको अंग्रेज़ी में Sapodilla (सैपोडिला) कहते हैं। chiku को दक्षिण भारत में sapota कहते है. अन्य नाम chikoo, chico, नोजबेरी (Naseberry), or nispero है.

चीकू कहाँ पाया जाता है?

भारत में यह वृक्ष विशेष रुप से समुद्र के किनारों के प्रदेशों में उगते है जैसे- गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल. भारत में सबसे ज्यादा चीकू कर्नाटक में होता है. यह सदाबहार पेड़ विश्व में मूलत दक्षिण-पूर्व मेक्सिको, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और कैरिबियन एवं अन्य उष्णकटिबंधीय भागों में खेती होती है.

चीकू कितने प्रकार के होते है ?

हमारें देश में जितनें भी फल आते है, लगभग सभी में अलग अलग प्रकार की variety मिलती है, तो chiku भी चार प्रकार का होता है.

ब्राउन शुगर: इसको 1948 में introduce किया गया था. यह भूरे (Brown) रंग का होता है। इसकी लम्बाई 2 से 2.5 इंच होती है।

प्रोलिफिक (Prolific): यह कोन (Cone) के आकर का होता है। यह ऊपर से दिखने में भूरा और अंदर से गुलाबी (Pink) रंग का होता है। यह स्वाद में मीठा और तेज गंध का होता है। इसकी लम्बाई 2.5 से 3.5 इंच होती है। इसकी क्वालिटी भी बहुत बढ़िया होती है। इसको 1951 में introduce किया गया था.

रुसेल (Russell): इसको 1935 में introduce किया गया था. यह लम्बाई में लगभग 3 से 5 इंच का होता है। यह दूसरे प्रकार के चीकू से ज़्यादा मीठा होता है।

टिकल (Tikal): इसका रंग भूरा होता है। यह अंडे के आकार का होता है और इनका स्वाद बहुत अच्छा होता है ।

chiku tree
Chiku Tree

चीकू के पोषक तत्व

पोषक तत्व वह तत्व है, जो हमारे शरीर में एक निश्चित मात्रा में चाहिये होता है और निश्चित प्रभाव दिखता है. पोषक तत्व रोगों के इलाज और हमारे शरीर की कमी को पुरा कर हमे स्वास्थ्य रखते है. आजकल पोषक तत्व प्राकृतिक होने के साथ साथ इसको रसायन विज्ञान लैब में बनाया जानें लगा है. इसलिए यह प्राकृतिक के साथ साथ कृत्रिम भी हो गया है.

जहां तक संभव हो, हमें प्राकृतिक पोषक तत्व ही ग्रहण करनें चाहिये. chiku के पोषक तत्व से भरपूर है. इसका लाभ इसमें मौजूद पोषक तत्वों की वजह से ही मिलते हैं। यही वजह है कि हम चीकू में मौजूद सभी पोषक तत्व के बारे में पता होना चाहियें. जैसे –

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
water (पानी)78 g
एनर्जी83 kcal
प्रोटीन0.44 g
फाइबर5.3 g
कार्बोहाइड्रेट19.96 g
फैट1.1 g
कैल्शियम21 mg
आयरन0.8 mg
पोटेशियम193 mg
मैग्नीशियम12 mg
सोडियम12 mg
फास्फोरस12 mg
जिंक0.1 mg
कॉपर0.086 mg
विटामिन सी14.7 mg
विटामिन ए, RAE3 µg
विटामिन ए, IU60 IU

(Sources : https://fdc.nal.usda.gov)

अब हम आप को बताएगे की chiku ke fayde kya hai.

चीकू खाने के फायदे

हमें अपने फायदे के अनुसार फल का सेवन करना चाहिये. हमें पूरी जानकारी होनी चाहिये की जो फल हम खा रहे है उसके क्या क्या फायदे है. चालों जानतें है चीकू के फायदे.

वजन को नियंत्रण करने में

शारीरिक काम कम होने के वजह से आजकल मोटापा आम समस्या हो गया है. अपना वजन कम करने या संतुलित करने के लिए चीकू का सेवन लाभदायक होता है, क्योंकि यह मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है जिससे हमें अपना वजन कम करने में मदद मिलती है।

चीकू हमारें शरीर में उपस्थित अनुपयोगी पानी को निकाल कर हमारा वजन कम करने में मदद करता है। साथ ही इसमें उपस्थित फाइबर की मात्रा वजन कम करने में आपकी मदद कर सकता है इसलिए यदि आप वजन कम करना चाहते है तो अपने डाइट चार्ट में चीकू को अवश्य शामिल करें।

कैंसर के प्रभाव को कम करे

इसमें एंटी कैंसर गुण पाए जातें है. यह कैंसर के ट्यूमर  के बढ़ने के गति को धीमा करता है. इसमें मौजूदविटामिन A और B आँतों और त्वचा के कैंसर के बचाव में सहायक होते हैं।  Colon Cancer और Lung Cancer से बचाने में मददगार है. इसमें मौजूद फाइबर हमारे मेंब्रेन (membrane) को कैंसर जैसी बीमारियों से दूर रखता है. एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर हमें फेफड़ों और मुँह के कैंसर से बचाते हैं. इसलिए हमें नियमित chiku का सेवन करना चाहिये.

एनर्जी का स्रोत

चीकू में Vitamin मिनरल्स और शुगर जैसे सुक्रोज (Sucrose) और फ्रुक्टोज (Fructose) मौजद होती है जो कि हमें ऊर्जा देती है और हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाती है.

यह एनर्जी का अच्छा Source है यदि हमारा पुरा दिन कामकाज करने में व्‍यस्‍तता वाला हो तो हमें घर पर चीकू का सेवन कर सकते है तो हमें सामान्‍य से अधिक ऊर्जा मिलती है।

chiku में ग्लूकोज की मात्रा अधिक होने के कारण इसे एनर्जी का स्रोत भी कहा जा सकता है। इसके सेवन से शरीर में तुरंत ऊर्जा आने लगती है। अगर आप थके-हारे हैं तो चीकू का फल खाएं और थोड़ी ही देर में आपको नयी ऊर्जा मिलने लगेगी। यह व्यायाम या खेल जैसी गतिविधियों के दौरान बेहद मददगार हैं।

हड्डियों को मजबूती के लिए

chiku स्‍वादिष्‍ट होने के साथ कैल्शियम, आयरन और फास्फोरस और अन्य मिनरल भी भरपूर स्रोत है. यह हमारी हड्डियो को मजबूत करने और बढानें में फायदेमन्द है. अगर आप चीकू को रोज खाते है तो आगे कभी भी कैल्शियम की पूरक गोलियां लेने की जरूरत नहीं पडे़गी।

इसमें आयरन, जिंक, तांबा, फास्‍फोरस, कैल्यिम, मैग्‍नीशियम, पोटेशियम, सेलेनियम आदि तत्व सम्‍मलित होते है जो शरीर की हडृडी के एक चौथाई निर्माण के लिए आवश्‍यक होते है। इसलिए हमें chiku का सेवन नियमित रूप से करना चाहिये.

चीकू में कॉपर की मात्रा होती है जो हड्डियों, कनेक्टिव टिश्यू और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। कॉपर मांसपेशियों की कमजोरी, ताकत में कमी और कमजोर जोड़ों की समस्यों को कम करने का काम कर सकता है। 

इम्युनिटी बूस्टर

इसमें मौजूद ऑक्सीकरण रोधी गुणों के साथ विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा में रोगाणु पैदा करने वाले और विभिन्न रोगों के खिलाफ आपकी रोग प्रतिरोध क्षमता को बढाता है।

नियमित रूप से chiku को खाने से हमारे शरीर में एक प्रतिरक्षा कवच का निर्माण होता है। जो हमारी इम्युनिटी system को मजबूती प्रदान करता है।

बवासीर में लाभदायक

चीकू में टैनिंग (वह प्रक्रिया जिसमें पराबैंगनी प्रकाश के संपर्क में आने से त्वचा का रंग गहरा हो जाता है ) गुण होता है जोकि दवाई की तरह काम करता है और यह बवासीर के लिए बहुत ही अच्छा फल है.

chiku में Haemostatic (process to prevent and stop bleeding) गुण होता है जो बवासीर में खून की कमी और चोट से होने वाली खून की कमी को दूर करता है.

गर्भवती महिलाओं के लिए लाभदायक

अकसर महिलाएं इस बात से बहुत परेशान रहती हैं की गर्भवस्था के दौरान हमें कौन से फल खाने चाहिए और कौन से नहीं। लेकिन चीकू एक ऐसा फल है जिसे आप नियमित खा सकते है। इससें डॉक्टर भी मना नही करते है. चीकू के खाने से हमारें शरीर में कमजोरी महसूस नही होती है, क्योकि यह कार्बोहाइड्रेड का प्रमुख स्रोत है. गर्भावस्था के समय होने वाली कमजोरी को दूर करने में सहायक होता है.

चीकू में Folic Acid (यह शरीर में स्वस्थ नई लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करें) बहुत अच्छी मात्रा में होता है जो कि हमारे Red Blood Cells को बढ़ाने में मदद करता है और यह प्रेग्नेंसी में भी बहुत फायदेमंद है.

chiku इलेक्‍ट्रोलाइटस, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन A के लिए अच्‍छा स्रोत है। यदि आप गर्भवती महिला को गर्भावस्था में होने वाली उल्टी ओर चक्‍कर से निपटने में आपकी मदद करता है क्‍योकि यह गर्भवती महिलाओं के पेट से संबंधित रोगों को दूर करने में सक्षम है।

पाचन और कब्ज

चीकू में मोजूद फाइबर एक रोचक प्रभाव रखता है,. जहां आप का चीकू खानें से डाइजेशन सिस्टम ठीक होगा, वही आपके कब्ज की शिकायत दूर हो जाएगी. इसको हमेशा थोड़ा नमक डाल कर खाए. इससे आपको कब्ज दूर करने में फायदा होगा और यह आपके मोटापे और वजन को कम करने में भी मदद करेगा.

भारत के शहरी क्षेत्रो में आप को चिड़चिडा़पन, आंत की परेशानी और कब्ज जैसे लक्षण देखने को मिलते है। इसमें फाइबर के मात्रा अधिक होती है, जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत और कब्ज दूर करने में फायदेमन्द है.

हमारे शरीर में बहुत सी बीमारी पेट से शुरु होती है. यदि आओ का पेट स्वस्थ है तो आप को बहुत बिमारिओ से बच सकते है.आप को हमेशा अपने पेट का ख्याल रखना चाहिये. चीकू हमारे पाचन तंत्र को ठीक करता है. जिससें हम पेट से सम्बंदित बिमारिओ से बचे रहते है.

चीकू में मौजूद आयरन, नियासिन, फोलेट, पोटेशियम आदि पौष्टिक तत्व पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ साथ इसमें एंटी-वायरल और बैक्टीरियल गुण और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा भी पाई जाती हैं जो हमारे शरीर में विषाक्त पदार्थों को आने से रोकते हैं।

ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करे

ब्लडप्रेशर( it is the pressure of circulating blood against the walls of blood vessels) की समस्या अब आम हो गई है. यह किसी को कम तो किसी को ज्यादा होता है. इसको हम रक्तचाप भी कहते है. यह उच्च और निम्न रक्तचाप दो प्रकार का होता है.

चीकू में पोटेशियम की मात्रा अच्छी होती है जो कि हमारे रक्तचाप और रक्त सर्कुलेशन को Regulates करता है.

पोटेशियम जहां रक्‍तचाप को कम करता है वही मैग्‍नीशियम रकत परिसंचरण को नियंत्रित करने का काम करता है. इसके साथ साथ इसमें मोजूद लौह तत्‍व एनिमिया के इलाज में सहायक होते है। इसलिए हमें ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने के लिए चीकू का सेवन करना चाहिये.

Sapota (Chiku) Benefits, Side Effects and Nutrients in Hindi
Sapodilla fruit

दांतों को रखें स्वस्थ

 अच्छी मात्रा में Latex होते हैं जिससे आपको दांतों की हेल्प हेल्थ बढ़ाने में मदद मिलती है.

दांत हमारे शरीर का एक प्रमुख अंग क्‍योकि यह हमारे भोजन से संबंधित होने के साथ हमारे चेहरे की सुंदरता को भी प्रभावित करते है जैसा कि हम सभी यह जानते हमारे दांत कैल्सियम से बने होते है। दांतों में कैल्सियम की कमी होने के कारण कई प्रकार की बीमारीयां घेर लेती है ऐसे में हमें एंटी डोज की आवश्‍यक्‍ता होती है, जिसकी भरपाई हम चीकू का सेवन करके कर सकते है। क्‍योंकि चीकू में पर्याप्‍त मात्रा कैल्सियम पाया जाता है साथ ही साथ इसमें पाऐ जाने बाले विटामिन हमारे मसूड़ो के लिए सुरक्षा कवच का निर्माण करते है। जिससे दांतों में ठंडा गर्म लगना जैसी परेशानियों से बचा जा सकता है।

आँखों के लिए लाभदायक

हमारे शरीर को बहुत से विटामिन की जरूरत पड़ती है. विटामिन की कमी से बहुत रोग हो जाते है. हमारी आँखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बहुत जरुरी है.

चीकू में विटामिन ए परचुर मात्रा में होता है, यह हमारी दृश्य संवेदी कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और दृष्टि को बढ़ाने में मदद करता है।

हमारी आँखों को चमकदार और रोशनी बढाने में चीकू काफी लाभकारी होता है। इसमें मौजूद विटामिन A आँखों की रौशनी को बढ़ाने में सहायक है. इससें रात को कम दिखने की समस्या भी दूर किया जा सकता है।

त्वचा के लिए लाभदायक

इसमें हीलिंग (Change Negative to positive) का गुण पाया जाता है, जिससें हमारें स्किन पर जो घाव होतें हैं वो जल्दी भर जातें है. यह हमारी बढती उम्र के साथ दिखने वाले स्किन पर प्रभाव को रोकता है.

चीकू हमारी रुखी त्वचा को नयी ऊर्जा और नमी देने में सहायक है। इसमें मौजूद विटामिन-इ त्वचा को चमकदार बनाने और स्वस्थ बनाने के लिए काफी उपयुक्त है। चीकू में एंटीऑक्सीडेंट (हमारे शरीर को बायोकेमिकल्स के दुष्प्रभाव से बचाए रखते हैं) का गुण पाया जाता है, जिस वजह से यह फ्री रेडिकल को ख़त्म करने में सहायक होता है जिससे हमारें चेहरे पर दिखने वाली अनावश्यक झुर्रियां आनी बंद हो जाती हैं।

बालों को करे लम्बे, मुलायम और डैंड्रफ फ्री

हम सभी जानते है की बाल हमारे सौंदर्य का एक प्रमुख हिस्सा है और यह भी सही उम्र के एक पड़ाव आते-आते हमारे बालों का झड़ना, गंजापन, उलझे बाल, सफेद होना बढ़ जाता है यह हमारे शरीर उम्र से साथ होने वाले हार्मोन्‍स की कमी को दर्शाता है। ऐसे में चीकू हमें ऐसे पोषक तत्‍व उपलब्‍ध कराता है। या हमारो बालो को झरने से रोकता है. हमे चीकू का नियमित सेवन करना चाहिये.

इसमें विटामिन विटामिन-ए, ई और सी होने से हमारें बालों को झरने से बचाता है और हेयर को बढने में मदद करता है. chiku के बीजों का तेल स्कैल्प को मॉइस्चराइज करके हमारे बालों को मुलायम बनता है। इसमें मौजूद एंटी फंगल गुण बालों में होने वाले डैंड्रफ से हमे बचाता है.

सर्दी खांसी से बचाएँ

चीकू हमे खांसी, जुकाम से बचाने में सहायक है. यह हमारे श्वास नली को साफ़ करता है और हमारी बंद नाक को खोलता है. इसमें से यह एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण भी होते है. जो हमें सर्दी खांसी और जुकाम से बचाता है. हम इसकी पत्तियो को ऊबाल कर भी पी सकते है.

पथरी में लाभदायक

इसकें पोषक तत्व हमारे पाचन तंत्र के साथ साथ सभी अवरोधक को खत्म करता है. यदि आप पथरी होने पर ध्यान नही दोगे तो ऑपरेशन करवाना भी पड़ सकता है. इसलिए इसके इलाज के लिए आप चीकू का सेवन करे, तो पेशाब के रास्ते आप की पथरी ख़त्म हो सकती है. आप को पथरी से छुटकारा मिल जायेगा.

चीकू खाने के नुकसान

यह बिलकुल सही है की chiku में बहुत से पोषक तत्व होते है, जो हमारे लिए लाभदायक है. परन्तु हर सिक्के के दो पहलू होते है. एसे ही chiku के भी फायदे और नुकसान दोनों है. खास करके तब जब चीकू अच्छे से पक्के हुए न हो तो. कच्चे chiku से हमे नुकसान हो सकता है. तो चलो जानतें है Sapota (Chiku) के क्या क्या नुकसान हो सकते है.

  • ज्यादा chiku आप का वजन बड़ा सकते है. इसमें  कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है।
  • कच्चे Sapota (Chiku) खाने से आप को पेट दर्द की प्रॉब्लम हो सकती है।
  • बच्चों को गले में खुजली हो सकती है।
  • ज्‍यादा खाने से आपको पेट में अपच की समस्या या दस्त जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
  • चीकू कच्‍चे खानें से सर्दी जुकाम या खांसी हो सकती है।
  • अधिक सेवन करने से हड्डियों कमजोर होने जैसी समस्या हो सकती है।
  • इसका सेवन रात को नहीं करना चाहिए।

चीकू खाने का सही तरीका

वैसे तो हम फलों को कभी भी खा लेते है, परन्तु वे फायदेमन्द तभी होते है जब उसके खाने का सही तरीका और समय पता हो. किसी भी समय खाया गया फल ज्यादा लाभ नही देता है. चलो जानतें है, चीकू को खाने का सही तरीका क्या है.

  • चीकू को समान्य फल की तरह खा सकते है।
  • इसका सलाद, शेक, आइसक्रीम, हलवा, मुरब्बा, जैम या स्वीट सॉस बना कर भी खा सकते है।
  • chiku को सुबह बैठ कर 2-3 खानें चाहिये।
  • Sapota (Chiku) को खड़े होकर या चलते फिरते नही खाना चाहिये।
  • हमेशा नमक छिड़क कर खाय, कभी भी नुकसान नही करेगा।

तो हमने आपको इस लेख में बताया की चीकू खाने के फायदे, पोषक तत्व और नुकसान व चीकू कैसे खाये. यदि आप को इस लेख के जानकारी अच्छी लगी तो comment करे और share करना ना भूलें.

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