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ATM क्या है और एटीएम से पैसे कैसे निकाले in 2021

क्या आप जानते है की ATM क्या है और एटीएम से पैसे कैसे निकलते है ? आप सभी का बैंक तो खाता होगा ही आप को एटीएम भी मिला होगा. जो आप पैसे निकलने के लिए use करते है. क्या आप को पता है एटीएम machine में कैसे काम करता है और पैसे निकलाते हुए क्या सावधानी बरतनी चहिये ?

ATM क्या है और एटीएम से पैसे कैसे निकाले ? एटीएम मशीन कितने प्रकार की होती है ?

आजकल सभी के पास बैंक account है जैसे भारत में बैंक account बहुत प्रकार के है. वैसे ही एटीएम machine अनेक प्रकार की होती है. एटीएम से पैसे कैसे निकाले , एटीएम machine कितने प्रकार के होती है? एटीएम की full form क्या है ?, एटीएम machine कैसे काम करती है ?, पैसे निकलाते हुए हमे क्या सावधानी रखनी चहिये. शायद आप को ये सब नही पता होगा.

आज हम आप को एटीएम के बारे में विस्तार से बताएगे, चलो जानते है की ATM क्या है ?

ATM क्या है
ATM

एटीएम क्या है ?

यह एक कंप्यूटरीकृत machine है. जो बैंक ग्राहक को खाते में वितीय लेन देन की सुविधा प्रदान करती है. इसको केवल bank के customer ही use कर सकते है.

बैंक यूजर को अपने account को access करने के लिए बैंक द्वारा एक प्लास्टिक card जारी किया जाता है, जिसको Debit card/ Credit card कहते है. इससे आप अपने account को असेस करने के लिए कार्ड में पहले से ही खाताधारक के पूरी जानकारी card के पिछले भाग में magnetic strip के ऊपर encode होती है.

जब आप अपने डेबिट कार्ड को एटीएम मशीन में डालते है तो आप के information बैंक के central computer में आप के information से मैच हो जाती है जिससे आप अपने अकाउंट access कर पाते है.

एटीएम का full form क्या है

ATM की full form ” Automatic Teller Machine” होती है. एटीएम को हिंदी में “स्वचालित टेलर मशीन” बोलते है.

एटीएम का इतिहास (ATM History in Hindi)

एटीएम या automatic teller machine का आविष्कारक John Shepherd-Barron ने सन 1960 में किया था.

आधुनिक एटीएम का प्रयोग सबसे पहले 27 जून, 1967 में लंदन के बार्केले बैंक ने किया था। इसके आविष्कार का श्रेय जॉन शेफर्ड बैरन (John Shepherd-Barron) को दिया जाता है.

जॉन शेफर्ड बैरन एटीएम का पिन 6 डिजिट का रखना चाहते थे, लेकिन उनकी पत्नी ने कहा कि 6 डिजिट ज्यादा होगे, लोग इसे याद नहीं रख पाएंगे। इसलिए चार डिजिट का एटीएम पिन बनाया। आजकल भी 04 डिजिट का ही पिन चलन में है।

भारत में पहला ATM 1987 में हॉगकॉग एंड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन (HSBC) ने मुंबई में लगाया था।

देश में कुल ATM : 234,244 by end of September 2020

किस बैंक में एटीएम की संख्या सबसे ज्यादा है: State Bank Of India

सबसे ज्यादा एटीएम किस राज्य में है : Maharashtra

भारत का पहला बात करने वाला एटीएम : Ahmedabad, launched by Union Bank Of India

ATM मशीन में क्या क्या सुविधा होती है ?

  • पैसे निकलने के लिए (Cash Withdrawal)
  • पैसे जमा करने के लिए (Cash Deposit)
  • खाते के जानकारी (Account Information)
  • बिल भरने के लिए
  • बैलेंस चेक करने के लिए
  • Mini statement
  • Money transfer
  • Mobile Voucher/ Recharge के लिए

Types of atm ( ATM के प्रकार )

Onsite ATM (ऑन-साइट एटीएम)

ये वे एटीएम हैं जो बैंक परिसर के अंदर संचालित / स्थित होते हैं. यहाँ बैंक और machine दोनों को physical use कर सकते है. इसको several purpose के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. बहुत से लोग बैंक में लाइन से बचने और समय बचाने के लिए बैंक परिसर में मोजूद इस एटीएम को use कर सकते है

Offsite ATMs (ऑफ साइट एटीएम)

ये वे एटीएम हैं जो बैंक परिसर के बाहर स्थित होते हैं जैसे शॉपिंग मॉल, आवासीय सोसायटी आदि. ये बैंक शाखा से दूर लगायें जाते है. इस का उदेश्य सुदूर इलाको में बैंकिंग सर्विस को देना है, जहा बैंक शाखा नही होती है.

White Label ATM (वाइट लेबल एटीएम)

ये वे एटीएम हैं, जिनका स्वामित्व और संचालन गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी द्वारा किया जाता है. प्राइवेट कंपनी को RBI ने ये एटीएम लगाने का लाइसेंस दिया है. इन पर किसी भी particular बैंक का logo नही होता है. यह अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाको में लगायें जाते है.

भारत में सबसे पहले White level Atm (WLAs) June 27th 2013 को TATA कंपनी ने Indicash के नाम से launch किया था.

White Label ATM
White Label ATM

Yellow Label ATM (येलो लेबल एटीएम )

ये वे एटीएम हैं जो मुख्य रूप से ई-कॉमर्स लेनदेन के लिए स्थापित किए गए हैं.

Brown Label ATM(ब्राउन लेबल एटीएम)

ये वे एटीएम हैं, जहां मशीन का स्वामित्व बैंक के पास नहीं है, बल्कि इसे लीज पर लिया गया है. बैंक के नाम का सिर्फ एटीएम machine लगी होती है उसका सारा कैश managment किसी सर्विस provider कम्पनी द्वारा किया जाया है जैसे – AXIS Bank ATM

Orange Label ATM(ओरेंज लेबल एटीएम)

ये वे एटीएम हैं जो मुख्य रूप से शेयर लेनदेन के लिए स्थापित किए जाते हैं. शेयर मार्किट से सम्बंदित लोग इसका इस्तेमाल करते है.

Pink Label ATM(पिंक लेबल एटीएम)

ये वे एटीएम हैं जो मुख्य रूप से महिला बैंकिंग के लिए लगाए गए हैं. ये महिलाओं में बैंकिंग awareness बढाने में सहायक है.

Green Label ATM(ग्रीन लेबल एटीएम)

ये वे एटीएम हैं जो मुख्य रूप से कृषि से संबंधित लेनदेन के लिए स्थापित किए जाते हैं. किसान कार्ड , किसान क्रेडिट कार्ड use करने के लिए किया जाता है.

एटीएम के Devices

Automatic Teller Machine में input और output device होता है जैसे –

Input device : card Reader, Keypad

Output Device : स्पीकर ( Speaker ), डिस्प्ले स्क्रीन( Display Screen),  रसीद प्रिंटर( Receipt Printer) नकद जमाकर्ता (Cash Depositor)

ATM के Input Devices

Card Reader

यह एक input device है, जो आप के कार्ड के data को read करता है. या आप के खाते के identification का हिस्सा होता है. Card reader से साथ connection बनाने के लिए आप के एटीएम कार्ड के पीछे एक magnetic पट्टी लगी होती है.

जब आप कार्ड को card reader या एटीएम machine में swipe करते है तो आप के account की सारी information को capture कर लेता है. फिर उसे सर्वर से पास करवा कर host processes उस data को इस्तेमाल कर cardholder के information देता है.

Keypad

कार्ड को मान्यता PIN, withdrawal, balance inquiry और अन्य विवरण के बाद मिलती है. सभी कार्ड के अपने unique पिन होते है, जिससे कोई अन्य कार्ड से पैसे निकाल सके.

अपने कार्ड पिन कोड को safety के लिए अगल नियम है. PIN को encrypted form में भेजा जाता है. Key Board में 48 कुन्जी होते हैं और उन्हें processor के साथ जोड़ा जाता है.

ATM keypad
ATM keypad

ATM के Output Devices

Speaker

जब भी आप कोई key दबाते है तो इसका sound effect आता है.

Display Screen

डिस्प्ले स्क्रीन सभी लेन देन को स्क्रीन पर दिखता है.आप को सभी steps स्क्रीन पर दिखाई देते है. आजकल सभी एटीएम machine में CRT स्क्रीन या LCD स्क्रीन का उपयोग किया जाता है।

Receipt Printer

जो पर्ची आप को एटीएम machine से मिलती है, उस पर डेट, time , amount सब कर विवरण दिया होता है.

Cash Dispenser

यह किसी भी एटीएम के दिल होता है. यह central machine है. यहाँ कोई भी user अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकाल सकता है.

यह आप को पैसे गिन कर निकाल कर देता है यदि को नोट मुड़ा हुआ आ जाता है तो उसे दुसरे section में बेज देता है और आप को rejected bill मिलेगा.ये सब high quality sensor से होता है. ATM के सभी record RTC device की मदद से रखे जाते है.

Automatic Teller Machine के Advantages

  • एटीएम अपने ग्राहकों को 24 घंटे एक दिन, 7 दिन एक सप्ताह और 365 दिन एक वर्ष प्रदान करता है।
  • banking communications में privacy प्रदान करती है.
  • banks कर्मचारियों के कार्यभार को कम करती है.
  • ATM customer को नए new currency notes प्रदान करती है.
  • समय की बचत.
  • ATM travelers के लिये बहुत उपयोगी है.
  • यह बिना किसी error के सुविधा प्रदान करती है.

Limitation on Cash Withdrawal (नकद निकासी पर सीमा)

आजकल कार्ड के हिसाब से सभी बैंक के पैसे निकलने की limit लगाई गई है. Normal bank की एटीएम से पैसे निकलने की लिमिट 20,000 है. आप को ज्यादा पैसे निकलने के लिए बैंक जाना पढ़ेगा या फिर cheque का इस्तेमाल कर भी निकाल सकते है.

बैंक आप से ATM machine से पैसे निकालने के लिए charge भी वसूल करता है. आप 2-3 बार बिना चार्ज के पैसे निकाल सकते है, यह limit शहरी, अर्द्ध शहरी और ग्रामीण इलाको के लिए अलग अलग है.

एटीएम का उपयोग करते समय क्या क्या सावधानियाँ रखे

  • अपने ATM कार्ड को सुरक्षित रखे.
  • अपने ATM Security पिन को सीक्रेट रखे.
  • कार्ड के संबंध में कोई भी जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ फोन पर शेयर न करे , बैंक कर्मचारी को भी नही.
  • कार्ड के संबंध में कोई भी जानकारी Disclose नहीं करे.
  • इंटरनेट से शॉपिंग करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपकी शॉपिंग की साइट सिक्योर हो.
  • आपने कार्ड के गुम हो जाने या चोरी हो जाने पर तुरंत रिपोर्ट करे, एटीएम ब्लाक जरुर करवाये.
  • अपने बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट तुरंत चेक करे
  • अपने bank account को registered mobile से जरुर link करें, जिससे आप को बैंक मैसेज आते रहे.

तो हमने आपको इस लेख में बताया की ATM क्या है, एटीएम से पैसे कैसे निकलते है. यदि आप को इस लेख के जानकारी अच्छी लगी तो comment करे और share करना ना भूलें.

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